Moong Cultivation: गर्मियों के सीजन में शुरू करे यह दलहनी फसल की खेती जो किसानो को कर देगी लखपति, आइये जानते है खेती करने का सही तरीका

Moong Cultivation: गर्मियों के सीजन में शुरू करे यह दलहनी फसल की खेती जो किसानो को कर देगी लखपति, आइये जानते है खेती करने का सही तरीका, गर्मियों के सीजन में हम आपके लिए एक ऐसी दाल की खेती लेकर आये है जिसका नाम मूंग है। मूंग एक दलहनी फसल है, जिसे खासकर गर्मियों में उगाया जाता है। अगर आप भी गर्मी में कोई फसल उगाना चाहते है तो हम आपके लिए लेकर आये है मूंग की खेती। आइये जानते है इसकी खेती के बारे में…

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मूंग की खेती: मौसम

मूंग की खेती साल में दो बार की जाती है, खरीफ और जायद में। खरीफ मूंग की खेती जून-जुलाई में और जायद मूंग की खेती फरवरी-मार्च में की जाती है।

मूंग की खेती: मिट्टी और जलवायु

मूंग की खेती करने के लिए वहाँ की जलवायु गर्म और शुष्क होनी चाहिए जो अच्छी तरह से उगती है। 25-30 डिग्री सेल्सियस तापमान मूंग की खेती के लिए आदर्श होता है।मूंग को अच्छी जल निकासी वाली, हल्की दोमट मिट्टी में उगाया जाना चाहिए। मिट्टी का pH 6.0-7.0 होना चाहिए।

मूंग की खेती: खेत की तैयारी

खेत को अच्छी तरह से जोतकर समतल कर लें।
10-15 टन प्रति हेक्टेयर की दर से गोबर की खाद डालें।
आवश्यकतानुसार रासायनिक उर्वरक भी डालें।

मूंग की खेती: बीज बोना

मूंग के बीज को 3-4 सेमी की गहराई में बोया जाता है।
पंक्तियों के बीच 30-45 सेमी और पौधों के बीच 10-15 सेमी की दूरी रखें।
बीज बोने के बाद हल्की सिंचाई करें।

मूंग की खेती: पौधों की देखभाल

नियमित रूप से सिंचाई करें, खासकर गर्मी के मौसम में।
खरपतवारों को नियमित रूप से हटाते रहें।
आवश्यकतानुसार निराई-गुड़ाई करें।
पौधों को मजबूत बनाने के लिए यूरिया और सुपर फास्फेट का प्रयोग करें।

मूंग की खेती: कीट और रोग

मूंग की फसल में कई तरह के कीट और रोग लग सकते हैं, जैसे कि तना छेदक, पत्ती खाने वाला कीट, और जड़ गलन।
इनकी रोकथाम के लिए जैविक और रासायनिक तरीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

मूंग की खेती: कटाई

मूंग की कटाई 60-70 दिनों में की जा सकती है।
फलियों को काटकर बाजार में बेचा जा सकता है।

मूंग की खेती: उपज

मूंग की औसत उपज 10-15 टन प्रति हेक्टेयर होती है।

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