Farming Of Grapes: किसानों को सातवे आसमान पर बैठा देगी अंगूर की खेती, यहाँ देखे खेती करने का सही तरीका

Farming Of Grapes: किसानों को सातवे आसमान पर बैठा देगी अंगूर की खेती, यहाँ देखे खेती करने का सही तरीका। हमारे देश में कई तरह की खेती की जाती है। यह मौसम के अनुसार अलग-अलग मौसम में अलग-अलग खेती की जाती है। ऐसे में अगर आप भी कुछ हटके खेती करना चाहते है जिससे अच्छा पैसा कमाया जा सके तो आज हम आपके लिए लेकर आये है अंगूर की खेती जिसकी खेती कर आप ढेरो पैसा कमा सकते है। आइये जानते है इसके बारे में विस्तार से…

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अंगूर की खेती के लिए जलवायु और मिट्टी?

अगर आप भी अंगूर की खेती करना चाहते है तो वहाँ की जलवायु गर्म और शुष्क होनी चाहिए जिससे अंगूर अच्छी तरह से उगे। अंगूर की खेती के लिए तापमान 20°C से 30°C के बीच में होना चाहिए। अंगूर को अच्छी जल निकासी वाली दोमट मिट्टी की आवश्यकता होती है जिसका पीएच 6.5 से 8.0 के बीच हो।

अंगूर की विभिन्न किस्मो के बारे में…

अंगूर की कई किस्में उपलब्ध हैं, जिनमें से कुछ लोकप्रिय किस्में हैं:

  • थॉम्पसन सीडलेस: यह एक हरा, बिना बीज वाला अंगूर है जो ताजा खाने और किशमिश बनाने के लिए उपयोग किया जाता है।
  • शरद सीडलेस: यह एक काला, बिना बीज वाला अंगूर है जो ताजा खाने और जूस बनाने के लिए उपयोग किया जाता है।
  • सोनाका: यह एक हरा, बीज वाला अंगूर है जो ताजा खाने और वाइन बनाने के लिए उपयोग किया जाता है।
  • माणिक चमन: यह एक काला, बीज वाला अंगूर है जो ताजा खाने और जूस बनाने के लिए उपयोग किया जाता है।

  • खेती की प्रक्रिया:

    1. भूमि की तैयारी: मिट्टी को अच्छी तरह से जुताई करके और खरपतवारों को हटाकर तैयार करें।
    2. बेल लगाना: बेलों को कटिंग या रोपण द्वारा लगाया जा सकता है।
    3. सिंचाई: अंगूर को नियमित सिंचाई की आवश्यकता होती है, खासकर गर्मी के मौसम में।
    4. निषेचन: अंगूर को उचित विकास और उत्पादन के लिए नियमित निषेचन की आवश्यकता होती है।
    5. छंटाई: अंगूर की बेलों को नियमित रूप से छांटना महत्वपूर्ण है ताकि वे स्वस्थ और उत्पादक बनी रहें।
    6. रोग और कीट नियंत्रण: अंगूर की बेलों को विभिन्न रोगों और कीटों से बचाने के लिए उचित उपाय करना महत्वपूर्ण है।
    7. फसल की कटाई: अंगूर की फसल आमतौर पर रोपण के 2-3 साल बाद तैयार हो जाती है।

    अंगूर की खेती करते समय रखे इन बातो का ध्यान

    • अंगूर की खेती के लिए अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी का चयन करें।
    • अंगूर की बेलों को नियमित रूप से सिंचाई और निषेचन प्रदान करें।
    • अंगूर की बेलों को नियमित रूप से छांटें।
    • अंगूर की बेलों को विभिन्न रोगों और कीटों से बचाने के लिए उचित उपाय करें।
    • अंगूर की फसल को सही समय पर काटें।

लाखो में होगी कमाई

अगर हम अंगूर की कीमत की बात करे मार्केट में इसकी कीमत 100 रूपये किलो के आसपास होगी। यह खेती लम्बे समय तक आपको कमाई करके देगी। इससे आप महीने के लाखो रूपये कमा सकते है। अंगूर की खेती किसानो के लिए फायदे का सौदा साबित हो सकता है।

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