Millet cultivation: बाजरे की खेती किसानों को कर देगी मालामाल, जाने इसकी खेती के लिए सही मौसम और तरीका क्या है ?

Millet cultivation:- बाजरे की खेती किसानों को कर देगी मालामाल, जाने इसकी खेती के लिए सही मौसम और तरीका क्या है ? बाजरा एक बहुत ही महत्वपूर्ण फसल कही जाती है। बाजरा की बुवाई के बाद में उचित देखभाल करना बहुत ज्यादा आवश्यक होता है। भारत दुनिया का सबसे अग्रणी बाजरा उत्पादक देश में से एक कहा जाता है। भारत में करीब 85 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बाजरे की खेती की जाती है। इसमें से 87 % क्षेत्र राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश और हरियाणा राज्यों में है। महाराष्ट्र में संगम, आर एच आर बी एच- 9808, प्रभणी संपदा, आई सी एम एच- 365, साबोरी, श्रद्धा, एम एच- 179 आदि मुख्य उन्नत किस्मों की बुआई की जाती है। बाजरे की खेती से किसानो को दोगुनी कमाई होती है।

बाजरे की बुआई का सही मौसम

बाजरे की खेती के लिए लगभग 400 से 500 मिमी वर्षा वाले क्षेत्रों की आवश्यकता होती है। बाजरे की फसल गर्म और शुष्क जलवायु के लिए अनुकूल मानी जाती है। बाजरे की फसल का अंकुरण 23 से 32 डिग्री सेल्सियस तापमान पर अच्छा होता है। फसल की संपूर्ण वृद्धि अवधि के दौरान ज्यादा उत्पादन की दृष्टि इनकी धुप अच्छी होती है।

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बाजरे की खेती के लिए मिटटी कैसी चाहिए ?

बाजरे की खेती के लिए अच्छी जल निकासी वाली मध्यम से भारी मिट्टी इस खेती के लिए अच्छी होती है। मिट्टी का PH मान 6.5 और 7.5 के बीच होना आवश्यक है। अच्छे अंकुरण के लिए दोमट मिट्टी और दोमट सघन मिट्टी उपयुक्त रहती है। इसके लिए खेत की गहरी जुताई करना आवश्यक होता है। जुताई के बाद सड़ी हुई खाद को मिट्टी में मिला मिला दे। मिट्टी को समान रूप से संकुचित करे ताकि फसल में अच्छी पैदावार प्राप्त की जा सके।

बाजरे की खेती से कितना मुनाफा होगा ?

अगर आप भी बाजरे की उन्नत विधियों द्वारा खेती करते है तो वर्षा आधारित फसल से औसतन 12-15 कुन्तल दाने की एवं 30 से 40 कुन्तल प्रति हैक्टेयर सूखे चारे की उपज प्राप्त की जा सकती है। बाजरे का प्रति किलो 9 रूपये भाव रहने पर 5 से 6 हजार रूपये प्रति हैक्टेयर से इस खेती से लाभ उठा सकते है।

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